जी एस टी(GST) या वस्तु एवं सेवा कर - महत्व और आवश्यकता

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भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का ढांचा क्या हैं ?

भारत सरकार की वस्तु एवं सेवा कर (GST) एक अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है | जिस तरह भारत में दो स्तर की सरकार चलती हैं एक केंद्र स्तर की सरकार तथा दूसरी राज्य स्तर की सरकार, उसी तरह वस्तु एवं सेवा कर (GST) को भी दोनों स्तर पर लागू किया गया हैं एक केंद्र स्तर पर तथा दूसरा राज्य स्तर पर| भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को चार भागो में विभाजित किया गया हैं :-

  • IGST – एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर
  • CGST – केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर
  • SGST – राज्य वस्तु एवं सेवा कर
  • UGST – केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर

एस जी एस टी क्या हैं ?

एस जी एस टी का पूरा नाम राज्य वस्तु एवं सेवा कर (State Goods and Service Tax) हैं| यह कर राज्य सरकार द्वारा राज्य के अंदर वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाता हैं | इस कर को राज्यान्तरिक (Intrastate) कर भी कहते हैं | यह कर राज्य सरकार द्वारा एकत्रित किया जाता हैं |


सी जी एस टी क्या हैं ?

सी जी एस टी का पूरा नाम केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (Central Goods and Service Tax) हैं , यह कर केंद्र सरकार द्वारा राज्य के अंदर वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाता हैं | इसको राज्यान्तरिक (Intrastate) कर भी कहते हैं| यह कर केंद्र सरकार द्वारा एकत्रित किया जाता हैं |


यूटी जी एस टी क्या है?

यूटी जी एस टी का पूरा नाम केंद्र शासित प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (Union Territory Goods and Service Tax) हैं | यह कर केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के अंदर वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाने वाला कर हैं | इस कर को राज्यान्तरिक कर भी कहते हैं | यह कर केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा एकत्रित किया जाता हैं |


आई जी एस टी क्या है?

आई जी एस टी का पूरा नाम एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (Integrated Goods and Service Tax) हैं | यह कर केंद्र सरकार द्वारा राज्य के बाहर वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाने वाला कर हैं,इस कर को राज्‍यों के बीच का कर भी कहते हैं | यह कर केंद्र सरकार द्वारा एकत्रित किया जाता हैं |


सी जी एस टी, एस जी एस टी और आई जी एस टी में क्या भिन्नता हैं?

भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को तीन तरह के करो में समायोजित किया गया हैं | पहला सी जी एस टी ( Central Goods and Service Tax ) हैं जिसने उन सभी करो की जगह ले ली हैं जो केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाते हैं, दूसरा एस जी एस टी (State Goods and Service Tax) हैं जिसने उन सभी करो की जगह ले ली हैं जो राज्य सरकार द्वारा लगाए तथा एकत्र किये जाते हैं, तीसरा आई जी एस टी (Integrated Goods and Service Tax) हैं जो सी जी एस टी एवं एस जी एस टी का टोटल हैं |

सी जी एस टी एवं एस जी एस टी राज्य के अंदर वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति (Supply) पर लगाया जाने वाले कर हैं जबकि आई जी एस टी तभी लगता हैं जब राज्य के बाहर आपूर्ति (Supply) की जाती हैं |


वस्तु एवं सेवा कर के तहत “माल या वस्तु ( Goods )” का क्या मतलब हैं?

वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के Sec. 2(52) में “ माल या वस्तु “ को समझाया गया हैं |

वस्तु (Goods) की व्याख्या में निम्न को शामिल किया गया हैं –
  • हर प्रकार की गतिशील / चल (Movable) संपत्ति जैसे कलम, कार, भोजन इत्यादि |
  • कार्रवाई योग्य दावे (Actionable Claims)
  • भूमि, बढ़ती हुई फसल और घास से जुड़ी या बनने वाली चीजें जो आपूर्ति (Supply) से पहले या आपूर्ति के अनुबंध (Contract) के तहत अलग करने के लिए सहमत हुई हैं।
वस्तु (Goods) की व्याख्या में निम्न को शामिल नहीं किया गया हैं –
  • पैसे (Money)
  • प्रतिभूति (Securities)

वस्तु एवं सेवा कर के तहत “सेवा (Service)” का क्या मतलब है?

वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के Sec. 2(102) में “ सेवा (Service)” को परिभाषित किया गया हैं| सेवा की परिभाषा में वस्तु, पैसे, प्रतिभूति को छोड़कर बाकी सब कुछ आते हैं लेकिन इसमें पैसे (Money) के उपयोग से संबंधित गतिविधियाँ शामिल हैं जैसे नकदी द्वारा या किसी अन्य प्रकार द्वारा कुछ शुल्क लेकर एक फॉर्म तथा करेंसी को दूसरे फॉर्म तथा करेंसी में बदलना ।


क्या सभी वस्तुओं और सेवाओं को वस्तु एवं सेवा कर में कवर किया गया है, किन वस्तुओं और सेवाओं को वस्तु एवं सेवा कर की कवरेज से बाहर रखा गया है ?

कुछ ऐसी क्रियाएँ हैं जो वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत शामिल नहीं हैं, वे वस्तु एवं सेवा कर के दायरे से बाहर हैं तथा इन्हें वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम की अनुसूची III के तहत “न तो वस्तु और न ही सेवाओं” के रूप में वर्गीकृत किया गया है, वे निम्न हैं –

  • एक कर्मचारी द्वारा अपने नियोक्ता को रोजगार (Employment) के सम्बंध में सेवाएं देना
  • कोर्ट / ट्रिब्यूनल की सर्विसेज
  • निम्न व्यक्तियो द्वारा किए गए कर्तव्यों का निष्पादन
    1. संसद (Parliament) के सदस्य, राज्य विधानमंडल (State Legislature), पंचायत, नगर पालिका और अन्य स्थानीय अधिकारी|
    2. कोई भी व्यक्ति ( पर्सन ) जो संविधान के प्रावधानों के तहत एक पद रखता है |
    3. स्थानीय निकाय या सरकार द्वारा स्थापित निकाय में अध्यक्ष, सदस्य या निदेशक जो किसी के कर्मचारी (Employee) के दायरे मे नहीं आते हैं|
  • मृतक की परिवहन गाडी सहित अंतिम संस्कार, दफन (burial) , श्मशान या मुर्दाघर की सेवाएं |
  • जमीन (Land) की बिक्री और भवन (Building) की बिक्री |
  • कार्रवाई करने के दावे (Actionable Claims) ( लॉटरी, सट्टे और जुए के अलावा अन्य कार्रवाई के दावे)

भारत में सरकार द्वारा (GST) वस्तु एवं सेवा कर की क्या विभिन्न दरें (Rates) लागू करी गयी हैं ?

वस्तु एवं सेवा कर देश में करो की संरचना में समानता लाने और अतीत में लगाए गए करों के व्यापक प्रभाव को समाप्त करने वाला सबसे बड़ा कर-सुधार है।

वस्तु एवं सेवा कर परिषद विभिन्न उत्पादों के लिए वस्तु एवं सेवा कर दरों को बदलने के लिए समय-समय पर बैठक करती रहती है | प्रारम्भ में वस्तु एवं सेवा कर को वन नेशन, वन टैक्स और वन रेट के रूप में समझा जाता था लेकिन जब यह कानून भारत में लागू होने वाला था तब आर्थिक असमानता, परिवर्तन को स्वीकार करने के लिए लोगों के रवैये आदि जैसे कई कारणों के परिणामस्वरूप भारत में वस्तु एवं सेवा कर को अलग-अलग कर दरों के साथ लागू किया गया हैं ।

कम्पोजिशन करदाताओं (Composition taxpayer) या छोटे करदाताओं के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) की निम्न दरें हैं-
  • 1% – व्यापारियों और निर्माताओं के लिए
  • 5% – भोजन और पेय पदार्थ सेवा (Restaurant etc) के आपूर्तिकर्ताओं के लिए

वस्तु एवं सेवा कर के अन्तर्ग्रत वस्तुओ के लिए सरकार द्वारा निम्न दरें निर्धारित की गयी हैं-

  • No Tax- जौ, गेहूं, राई इत्यादि जैसे हलके अनाज के दाने, सभी तरह के नमक, पशुओ का आहार , बच्चों के लिए पिक्चर बुक्स, कलरिंग बुक्स या ड्राइंग बुक्स , सैनिटरी नैपकिन आदि वस्तुओ पर वस्तु एवं सेवा कर लागू नहीं होता हैं ।
  • 5% – यह दर कोयला, घरेलू आवशयकताओ की चीजे (household foods) , काजू, बर्फ, आटा चक्की, श्रवण यंत्र, जीवन रक्षक दवाएं आदि पर लागू होती हैं
  • 12% -यह दर बुक, नोटबुक, तैयार भोजन (Ready to eat food), ताश के पत्ते और कंप्यूटर आदि पर लागू होती हैं |
  • 18% -यह दर एलुमिनियम फॉइल, सीसीटीवी कैमरे, सेट टॉप बॉक्स, स्विमिंग पूल, काजल स्टिक, प्रिंटर (मल्टीफंक्शंस के बिना), टूथपेस्ट, साबुन, हेयर ऑयल और औद्योगिक सामान (Industrial Goods) आदि पर लागू होती हैं ।
  • 28% – यह दरें जी एस टी के तहत वस्तुओं के लिए उच्चतम कर (Highest Tax Rate) की दरें हैं जैसे लक्जरी बाइक, कार, सिगरेट, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर आदि उत्पादों पर लागू होती हैं।

साथ ही, कुछ वर्गों या श्रेणियों के लिए उपकर (Cess) भी लागू किया गया है।


वस्तु एवं सेवा कर (GST) के अन्तर्ग्रत सेवाओं (Services) के लिए सरकार द्वारा निम्न दरें निर्धारित की गयी हैं

  • 5% – यह दर किराए पर टैक्सी(Rented Taxi), रेलवे, माल परिवहन सेवाओं, प्रिंट मीडिया में विज्ञापन, आदि जैसी सेवाओं पर लागू होती हैं
  • 12% – इस श्रेणी या वर्ग के अंतर्गत व्यवसायिक श्रेणी की हवाई यात्रा हैं, 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक के टैरिफ वाले आवास या गैर-वातानुकूलित रेस्तरां आदि लोकप्रिय सेवाएं आती हैं |
  • 18% – यह सेवाओं के लिए सबसे व्यापक रूप से लागू दर है। यह आउटडोर खानपान,(outdoor catering) अन्य सभी स्पेसिफाइड कंस्ट्रक्शन सेवाओं के लिए लागू है, जिसके लिए विशेष रूप से एक दर निर्धारित नहीं की गई है अर्थात यह जी एस टी के तहत सेवाओं (Services) के कराधान के लिए एक सामान्य दर है
  • 28% – यह उच्चतम कर (Highest Rate) की दर हैं जो विलासमय होटल, रेस क्लब, मनोरंजन प्रविष्टियों जैसे मनोरंजन, जुआ आदि विलासिताओं पर लागू होती है।

वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के बाद से दरों में बदलाव होता रहता है और माना जाता है कि यह समय के साथ अधिक विकसित होगा।


किनको वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकरण (Registration) लेना जरुरी हैं ?

भारत में वस्तु एवं सेवा कर के तहत पंजीकृत होने के लिए भारत सरकार ने एक व्यापक(Detailed) सूची निर्धारित की है, जिसे इन दो भागों में बेहतर तरीके से समझा जा सकता है-

EGM contains details such as
कुल आपूर्ति  ( Turnover ) के आधार पर पंजीकरणअनिवार्य पंजीकरण( कोई टर्नओवर सीमा लागू नहीं होती है )
वस्तुओ के आपूर्तिकर्ता जिनकी   वार्षिक कुल आपूर्ति    40 लाख रुपये से अधिक है एवं सेवाओं के आपूर्तिकर्ता जिनकी   वार्षिक कुल आपूर्ति    20 लाख रुपये से अधिक है    ( जे&के सहित ) उनको वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) में  पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य होगा |जे&के को छोड़कर अन्य पूर्वोत्तर राज्यों तथा पहाड़ी राज्यों (North Eastern Reigon) के लिए 10 लाख रुपये हैं
नोट:-कुल आपूर्ति (Total Turnover) सभी बिक्री का कुल योग होगा चाहे राज्यान्तरिक हो, अंतरराज्यीय हो , निर्यात से  हो , छूट या निल रेटेड से हो आदि
RCM (रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म) के तहत कर का भुगतान करने वाला व्यक्ति
CTP ( केजुअल  टैक्सेबल पर्सन )
NRTP (नॉन -रेजिडेंट  टैक्सेबल पर्सन )
एक प्रिंसिपल का प्रतिनिधि
अधिसूचित ई-कॉमर्स ऑपरेटर
आई एस डी ( इनपुट सर्विस  डिस्ट्रीब्यूटर )
टी डी एस काटने वाले
अगर कुल बिक्री 40 लाख रुपये से अधिक है, तो हस्तशिल्प में काम करने वाले CTP ( केजुअल  टैक्सेबल पर्सन ) को पंजीकरण कराना होगाजो भारत के बाहर के गैर-पंजीकृत व्यक्ति को OIDAR (ऑनलाइन  इनफार्मेशन एंड डेटाबेस एक्सेस और रिट्रीवल ) सेवाएं दे रहे हैं।
ई-कॉमर्स ऑपरेटर (E-commerceoperator) के माध्यम से बेचने वाले व्यक्तियों  पर 40 लाख की शर्त लागू होती हैं |जो पहले से ही पुराने अप्रत्यक्ष कर (Old Indirect Tax) कानूनों के तहत पंजीकृत था

वस्तु एवं सेवा कर क्षतिपूर्ति उपकर (GST Composition Cess) क्या है ?

भारत में वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली (GST Sysytem) को आसान और सुगम बनाने के लिए तथा कीमतों को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, दुर्भाग्य से, जिस तरह से वस्तु एवं सेवा कर कानून की संरचना की गई है, भारत में अलग-अलग राज्यों में राजस्व कम होने की संभावना बढ़ गई , उन राज्यों को मदद करने के लिए, सरकार ने क्षतिपूर्ति उपकर (GST Composition Cess) लागू किया हैं |

निम्न उत्पाद क्षतिपूर्ति उपकर के अधीन आते हैं
  • पान मसाला
  • तम्बाकू (Tobacco), तम्बाकू से बने उत्पाद, और तम्बाकू के अन्य विकल्प
  • कोयला (Coal) और ठोस ईंधन से बनाये गए कोयले आदि
  • वातित जल ( Aerated waters )
  • मोटर कारें
  • मोटर वाहनों जिसमे 10 या 10 से अधिक लोगो को ले जाने की क्षमता हो

भारत में जी एस टी लागू होने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए क्षतिपूर्ति उपकर या जी एस टी उपकर लागू किया गया है |

वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax) से क्या- क्या फायदे (Benefits) है ?

वस्तु एवं सेवा कर एक ऐसा कर सुधार है जिसे एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा पनप सकती है | भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy) को वस्तु एवं सेवा कर ( जी एस टी ) से निम्न लाभ हुए हैं –

  • वस्तु एवं सेवा कर आने से पुराने अप्रत्यक्ष करों (indirect taxes) जैसे वैट, सी अस टी , सेवा कर, एक्साइज ड्यूटी आदि करो को हटा दिया गया हैं |
  • वस्तु एवं सेवा कर आने से कर संरचना (Tax framework) बहुत ही आसान और सरल हो गई हैं |
  • वस्तु एवं सेवा कर ने करों के कैस्केडिंग प्रभाव (Cascading effect) को समाप्त कर दिया हैं अर्थात् कर पर कर (tax on tax) को हटा दिया  है।
  • वस्तु एवं सेवा कर के आने से करो का बोझ कम हुआ जिससे  निर्माण लागत में कमी आ गई एवं उपभोक्ता द्वारा खरीदी गई वस्तुओं की कीमतों में कमी आने की संभावना बढ़ गई
  • वस्तु एवं सेवा कर के आने से आम आदमी पर बोझ कम होगा यानी जनता (Consumer) को उन्हीं उत्पादों को खरीदने के लिए कम पैसा देना पड़ेगा जो पहले महंगे हुआ करते  थे |
  • वस्तु एवं सेवा कर के आने से वस्तुओं की मांग (Demand) और उपभोग (Consumption) में वृद्धि हो गई |
  • वस्तु एवं सेवा कर से सरकारी खजाना (Government Treasury)बढ़ गया हैं |
  • वस्तु एवं सेवा कर  के आने से सिंगल विंडो क्लीयरेंस (Single Window Clearance) या एक ही स्थान पर निकासी को बढ़ावा मिला हैं|
CA Abhishek Soni

Abhishek Soni is a Chartered Accountant by profession & entrepreneur by passion. He is the co-founder & CEO of Tax2Win.in. Tax2win is amongst the top 25 emerging startups of Asia and authorized ERI by the Income Tax Department. In the past, he worked in EY and comes with wide industry experience from telecom, retail to manufacturing to entertainment where he has handled various national and international assignments.